रायपुर, छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों की असल ग्राउंड रिपोर्ट

1. शिक्षा का स्तर — ASER रिपोर्ट 2025

हाल की Annual Status of Education Report (ASER) में दिखाया गया है कि छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता अभी भी चिंताजनक है:

  • तीसरी कक्षा के लगभग 75% बच्चे दूसरी कक्षा का पाठ नहीं पढ़ सकते
  • पाँचवीं कक्षा के लगभग 45% बच्चे दूसरी कक्षा का पाठ भी नहीं समझ पाते
  • गणित में भी 70% से अधिक बच्चों को मूल बातें नहीं आती

➡️ इसका मतलब यह है कि पढ़ाई का स्तर काफी नीचे है — खासकर प्राथमिक स्तर पर।


🧑‍🏫 2. शिक्षकों का असंतुलन और Rationalisation विवाद

राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों का रैशनलाइज़ेशन (युक्तियुक्तकरण) policy लागू किया है, ताकि:

✔️ उन स्कूलों को मिलाया जाए जहाँ छात्रों की संख्या बहुत कम है
✔️ शिक्षकों का redistribution बेहतर हो सके
✔️ teacher-less schools हटें

लेकिन शिक्षकों ने protesting करते हुए कहा कि इससे लगभग 40,000 शिक्षकों की नौकरियाँ खतरे में हैं और कुछ स्कूलों में विषयवार शिक्षक नहीं हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।

राज्य का दावा है कि rationalisation से शिक्षक विहीन स्कूलों की संख्या में भारी कमी आई है और अब लगभग हर स्कूल में शिक्षक हैं — लेकिन इस प्रक्रिया को लेकर विवाद जारी है।


🏫 3. स्कूल भवनों और Infrastructure की स्थिति

एक सरकारी कोर्ट दस्तावेज़ में बताया गया है कि:

✔️ लगभग 9865 स्कूलों को नवीनीकरण की ज़रूरत है
✔️ हजारों स्कूल डिलीपीडेटेड (खराब हालत) स्थिति में हैं
✔️ ~1157 स्कूल तो इतने खराब थे कि उन्हें तोड़ दिया गया
✔️ लगभग 2993 स्कूलों में अभी भी मरम्मत बाकी है

➡️ इसका मतलब है कि स्कूलों के भवन, क्लासरूम व अन्य सुविधाओं के मामले में बड़े पैमाने पर सुधार की आवश्यकता है।


🏚️ 4. रायपुर में एक विशेष उदाहरण: English Medium School की स्थिति

रायपुर के शासकीय अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल (Shanti Nagar Government English Medium School) में स्थानीय नेता प्रतिपक्ष और अभिभावकों ने कहा कि:

❗️प्लास्टर गिरता है
❗️छत से पानी टपकता है
❗️बच्चों के लिए कक्षा खतरनाक हो रही है

➡️ यह गवाह करता है कि सुधरी हुई छवि के बावजूद भी कुछ सरकारी स्कूलों की भौतिक हालत बेहद खराब है।


👩‍🎓 5. परिणाम और प्रदर्शन

कुछ साल पहले की रिपोर्ट में यह भी दिखा कि रायपुर के सरकारी स्कूलों ने बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन किया था — कई सरकारी 12वीं स्कूलों में 90% से ज्यादा पास प्रतिशत रहा था, और इस बार कुछ निजी स्कूलों के मुकाबले सरकारी स्कूल बेहतर भी रहे थे।

➡️ इससे पता चलता है कि कुछ स्कूलों के परिणाम बेहतर भी आते हैं, लेकिन यह सफ़लता पूरे सिस्टम पर लागू नहीं होती।


📌 संक्षेप: रायपुर सरकारी स्कूलों की Ground स्थिति

❌ समस्याएँ

  • शिक्षा की गुणवत्ता अभी राष्ट्रीय स्तर से कम है (ASER)
  • कुछ स्कूलों में तय मानकों से नीचे Infrastructure
  • Rationalisation policy पर शिक्षक विरोध
  • भौतिक मरम्मत अब भी कई स्कूलों में लंबित

✅ सकारात्मक बिंदु

  • कई स्कूलों में शिक्षक अब मौजूद हैं
  • बोर्ड परीक्षा में कुछ सरकारी स्कूलों ने अच्छा प्रदर्शन किया

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